सुनहरे बालों वाली राजकुमारी और जादुई मीनार की कहानी
पढ़िए रॅपन्ज़ेल की जादुई कहानी, जिसे एक दुष्ट डायन ने ऊँची मीनार में कैद कर दिया था। जानें कैसे उसके सुनहरे बालों और राजकुमार के अटूट विश्वास ने उसे आज़ादी दिलाई।
रॅपन्ज़ेल: सुनहरे बालों वाली राजकुमारी
कहानी की शुरुआत
एक गरीब दंपत्ति एक डायन के बगीचे के पास रहते थे। गर्भवती पत्नी की इच्छा डायन के बगीचे से 'रॅपन्ज़ेल' (एक प्रकार की सलाद पत्ती) खाने की हुई। पति ने अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए चोरी से पत्तियाँ तोड़ीं, लेकिन डायन ने उसे पकड़ लिया। डायन ने एक शर्त पर उसे जाने दिया: उन्हें अपना होने वाला बच्चा डायन को सौंपना होगा।
मीनार का कारावास
बच्ची के जन्म लेते ही डायन उसे ले गई और उसका नाम रॅपन्ज़ेल रखा। जब रॅपन्ज़ेल 12 साल की हुई, तो डायन ने उसे जंगल के बीच एक ऊँची मीनार में बंद कर दिया, जिसमें न कोई दरवाज़ा था और न सीढ़ी। रॅपन्ज़ेल के बाल सोने की तरह सुनहरे और बहुत लंबे थे। जब भी डायन को ऊपर चढ़ना होता, वह पुकारती:
"रॅपन्ज़ेल, रॅपन्ज़ेल, अपने बाल नीचे लटकाओ!"
राजकुमार से मिलन
सालों बाद, एक राजकुमार ने रॅपन्ज़ेल को मीनार में गाते हुए सुना और उसकी आवाज़ पर मोहित हो गया। उसने डायन को ऊपर चढ़ते देख तरीका सीख लिया और खुद भी रॅपन्ज़ेल से मिलने ऊपर पहुँच गया। दोनों को एक-दूसरे से प्रेम हो गया और उन्होंने साथ भागने की योजना बनाई।
डायन का क्रोध और वियोग
जब डायन को इस सच्चाई का पता चला, तो वह क्रोध से भर गई। उसने रॅपन्ज़ेल के सुंदर बाल काट दिए और उसे एक दूर मरुस्थल (रेगिस्तान) में छोड़ दिया। जब राजकुमार मीनार पर आया, तो उसका सामना डायन से हुआ। डर और दुख के मारे राजकुमार मीनार से नीचे गिर गया और काँटों में गिरने के कारण वह अंधा हो गया।
कई सालों तक अंधा राजकुमार भटकता रहा, जब तक कि वह उसी मरुस्थल में नहीं पहुँच गया जहाँ रॅपन्ज़ेल रहती थी। रॅपन्ज़ेल की आवाज़ सुनकर उसने उसे पहचान लिया। रॅपन्ज़ेल उसे देखकर रोने लगी और उसके आँसुओं की दो बूँदें राजकुमार की आँखों में गिरीं, जिससे उसकी आँखों की रोशनी वापस आ गई। राजकुमार उसे अपने राज्य ले गया, जहाँ रॅपन्ज़ेल को उसके असली माता-पिता भी मिल गए और वे हमेशा सुख से रहने लगे।
कहानी की सीख (Moral):
"प्रेम और अटूट विश्वास में वह शक्ति है जो अंधेरे से अंधेरे समय में भी रास्ता दिखा सकती है। बुराई कुछ समय के लिए जीत सकती है, लेकिन अंततः सच्चाई और प्रेम की ही विजय होती है।"

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