"सम्राट और बूढ़ा आदमी - जापान की यह प्रसिद्ध कहानी सिखाती है कि साहस और बुद्धिमानी से किसी भी अन्याय को रोका जा सकता है। जानिए कैसे एक बूढ़े ने 19 जानें बचाईं।"
सम्राट और बूढ़ा आदमी: जब एक लाठी ने बचाई उन्नीस जानें
क्या किसी निर्जीव वस्तु की कीमत इंसान की जान से बढ़कर हो सकती है? आइए पढ़ते हैं जापान के एक सम्राट और एक निडर बूढ़े व्यक्ति की यह कहानी, जिसने अपनी सूझबूझ से सम्राट की आँखें खोल दीं।
कीमती फूलदानियाँ और मौत की सजा
जापान के एक सम्राट के पास 20 दुर्लभ और सुंदर फूलदानियों का एक संग्रह था। सम्राट को इन फूलदानियों से इतना लगाव था कि वह उन्हें अपनी जान से भी ज्यादा कीमती समझता था। एक दिन, राजमहल की सफाई के दौरान सम्राट के एक वफादार सरदार से अनजाने में एक फूलदानी टकराकर टूट गई।
सम्राट का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने आव देखा न ताव और तुरंत आदेश दिया— "इस गुस्ताखी की सजा सिर्फ मौत है! सरदार को फाँसी पर लटका दिया जाए।"
बूढ़े व्यक्ति का रहस्यमयी प्रस्ताव
जब यह खबर पूरे राज्य में फैली, तो एक बुद्धिमान बूढ़ा व्यक्ति सम्राट के दरबार में पहुँचा। उसने झुककर कहा, "महाराज! मुझे टूटी हुई फूलदानियों को जोड़ने की गुप्त कला आती है। मैं उस फूलदानी को ऐसा जोड़ दूँगा कि वह पहले जैसी ही चमकने लगेगी।"
सम्राट बहुत खुश हुआ। उसने बची हुई 19 फूलदानियाँ बूढ़े को दिखाते हुए कहा, "अगर तुमने उस फूलदानी को ठीक कर दिया, तो मैं तुम्हें मुँह माँगा इनाम दूँगा।"
साहस का एक बड़ा कदम
बूढ़ा व्यक्ति उन 19 बेशकीमती फूलदानियों के पास गया। अचानक, उसने अपनी लाठी उठाई और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने तड़ातड़ वार करके सभी 19 फूलदानियाँ तोड़ दीं!
पूरा दरबार सन्न रह गया। सम्राट गुस्से से कांपने लगा और चिल्लाया, "मूर्ख! तूने यह क्या किया? तूने मेरा अनमोल संग्रह तबाह कर दिया! तुझे भी फाँसी होगी!"
बुद्धिमानी भरा जवाब
बूढ़ा व्यक्ति बिल्कुल शांत था। उसने नम्रता से कहा:
"महाराज! मैंने अपना कर्तव्य निभाया है। ये फूलदानियाँ मिट्टी की थीं, लेकिन इनके पीछे 19 बेकसूर इंसानों की जान जाने वाली थी। भविष्य में जब भी कोई फूलदानी टूटती, आप एक और जान ले लेते। अब आप केवल एक व्यक्ति की जान ले सकते हैं—सिर्फ मेरी! मैंने अपनी जान देकर 19 बेगुनाह परिवारों को उजड़ने से बचा लिया है।"
बूढ़े आदमी की यह निडरता और तर्क सुनकर सम्राट का सिर शर्म से झुक गया। उसे अहसास हुआ कि उसने मिट्टी के बर्तनों के लिए इंसानी जान की कीमत को कितना तुच्छ समझ लिया था। सम्राट ने तुरंत अपनी गलती मानी, सरदार की फाँसी माफ की और उस बूढ़े व्यक्ति को सम्मान के साथ विदा किया।
कहानी की सीख (The Moral)
"बुराई और अन्याय के खिलाफ खड़ा होने के लिए केवल एक साहसी व्यक्ति ही काफी होता है। इंसान का जीवन किसी भी कीमती वस्तु से कहीं अधिक अनमोल है।"

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