लियो और शैतान के तीन सुनहरे बाल
पढ़िए लियो की जादुई कहानी, जिसने शैतान के तीन सुनहरे बाल लाकर राजा की चुनौती जीती। जानें कैसे लालची राजा खुद अपने बिछाए जाल में फँस गया।
लियो और शैतान के तीन सुनहरे बाल
बहुत समय पहले एक गरीब परिवार में एक बालक पैदा हुआ, जिसके बारे में भविष्यवाणी हुई कि वह बड़ा होकर राजा की बेटी से विवाह करेगा। राजा ने उसे मारने की बहुत कोशिश की, लेकिन 'लियो' नाम का यह लड़का हर बार बच गया और एक होनहार नौजवान बना।
राजा की नई चाल और शादी
जब राजा को पता चला कि लियो जीवित है, तो उसने उसे एक पत्र देकर रानी के पास भेजा। पत्र में लिखा था कि इसे लाने वाले को तुरंत मार दिया जाए। रास्ते में जिंजर नाम के एक डाकू ने पत्र बदल दिया और लिख दिया कि इसका विवाह राजकुमारी से करा दिया जाए। लियो और राजकुमारी बेला का विवाह हो गया।
शैतान का सफर और तीन पहेलियाँ
गुस्साए राजा ने लियो के सामने एक असंभव शर्त रखी— शैतान के सिर के तीन सुनहरे बाल लेकर आना। लियो निकल पड़ा और रास्ते में उसे तीन परेशान लोग मिले जिनकी पहेलियों का हल उसे ढूँढना था:
सूखा फव्वारा: एक शहर का फव्वारा जो दाख-मधु (wine) देता था, अब पानी भी नहीं देता।
सोने के सेब का पेड़: एक पेड़ जिस पर कभी सोने के सेब लगते थे, अब केवल पत्ते देता है।
नाविक का कष्ट: एक नाविक जो सालों से बस लोगों को नदी के आर-पार ले जाता है और कभी मुक्त नहीं होता।
शैतान का अड्डा और दादी की मदद
लियो शैतान के घर पहुँचा, जहाँ उसकी दयालु दादी ने उसकी मदद की। दादी ने लियो को एक चींटी बना दिया और अपनी जेब में छुपा लिया। रात में जब शैतान सोया, तो दादी ने एक-एक करके उसके तीन सुनहरे बाल तोड़े। हर बार शैतान जागता, तो दादी बहाना बनाती कि उन्होंने सपना देखा है और उन तीनों पहेलियों के उत्तर पूछ लेती:
उत्तर 1: फव्वारे के नीचे एक मेंढक है, उसे हटाते ही दाख-मधु बहने लगेगी।
उत्तर 2: पेड़ की जड़ों को एक चूहा कुतर रहा है, उसे भगाते ही सोने के सेब उगेंगे।
उत्तर 3: नाविक को अपने चप्पू (oars) किसी और के हाथ में थमाने होंगे, तब वह मुक्त हो जाएगा।
राजा का अंत और लियो की जीत
लियो वापस लौटा और पहेलियों के हल बताकर उसे इनाम में सोने के कई थैले मिले। जब राजा ने इतना सारा सोना देखा, तो वह लालच में अंधा हो गया। लियो ने उसे बताया कि नदी के उस पार सोने के मैदान हैं। राजा तुरंत वहाँ पहुँचा। जैसे ही वह नाव पर चढ़ा, नाविक ने जादुई चप्पू राजा के हाथ में थमा दिए।
श्राप के अनुसार, अब राजा को जीवन भर वह नाव चलानी थी। लियो ने अपने असली और पालन-पोषण करने वाले माता-पिता को महल बुलाया और वे सभी सुख से रहने लगे।
कहानी का सार (Moral)
"बुराई चाहे कितनी भी योजनाएँ बना ले, वह सच्चाई और भाग्य को नहीं बदल सकती। दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाला खुद उसमें गिरता है।"

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