मूर्ख और तीन ठग: जब चालाकी ने छीनी सादगी
क्या केवल सावधान रहना काफी है? कभी-कभी हमारी अपनी बेवकूफी हमें उन लोगों का शिकार बना देती है जो हमारी कमियों को जानते हैं। आइए पढ़ते हैं एक ऐसे ही मूर्ख आदमी की कहानी जिसने एक ही झटके में अपने दोनों पशु खो दिए।
एक अनोखा सफर
एक गाँव में एक बहुत ही सीधा-सादा और मूर्ख आदमी रहता था। वह खुद को चतुर दिखाने की लाख कोशिश करता, पर लोग उसे हर बार बेवकूफ बना देते। एक दिन वह अपने घोड़े और बकरी को बेचने के लिए बाजार निकला।
उसने एक तरकीब लगाई—वह खुद घोड़े पर बैठ गया, बकरी की रस्सी घोड़े की पूंछ से बाँध दी और बकरी के गले में एक घंटी लटका दी। उसने सोचा कि जब तक घंटी बजती रहेगी, उसे पता चलता रहेगा कि बकरी पीछे-पीछे आ रही है।
ठगों की पहली चाल: घंटी का खेल
कुछ शातिर ठग उसका पीछा कर रहे थे। उनमें से पहले ठग ने चुपके से बकरी के गले से घंटी खोली और उसे घोड़े की पूंछ में बाँध दिया। फिर वह बकरी लेकर चम्पत हो गया। मूर्ख आदमी बेखबर था; वह घंटी की आवाज़ सुनकर यही सोचता रहा कि बकरी सुरक्षित पीछे आ रही है।
दूसरी चाल: भ्रम की स्थिति
थोड़ी देर बाद दूसरा ठग आया और उसने हैरानी जताते हुए पूछा, "अरे भाई साहब! आपने घोड़े की पूंछ में यह घंटी क्यों बाँध रखी है? क्या आपका घोड़ा संगीत का शौकीन है?"
मूर्ख ने जैसे ही पीछे मुड़कर देखा, उसके होश उड़ गए। बकरी गायब थी और घंटी घोड़े की पूंछ में बज रही थी! वह परेशान होकर चिल्लाने लगा।
तीसरी चाल: सब कुछ साफ
तभी मौके का फायदा उठाने तीसरा ठग वहाँ पहुँचा। उसने बड़े ही हमदर्द लहजे में कहा, "भाई साहब, घबराइए मत! मैंने अभी एक आदमी को आपकी बकरी लेकर उस झाड़ी के पीछे भागते देखा है। अगर आप मुझे अपना घोड़ा दे दें, तो मैं तेजी से पीछा करके उसे पकड़ लूँगा और आपकी बकरी वापस ला दूँगा!"
मूर्ख आदमी उसकी बातों में आ गया। उसने सोचा कि घोड़ा तो इसके पास सुरक्षित रहेगा और बकरी भी मिल जाएगी। उसने तुरंत अपना घोड़ा उस ठग को सौंप दिया। ठग ने घोड़े को एड़ लगाई और देखते ही देखते आँखों से ओझल हो गया।
खाली हाथ और ठगों का गीत
बेचारा मूर्ख घंटों तक वहीं सड़क किनारे बैठकर अपने पशुओं का इंतजार करता रहा। जब शाम ढल गई और कोई वापस नहीं आया, तब उसे अपनी असल मूर्खता का अहसास हुआ। वह रोता-पीटता खाली हाथ घर लौट आया।
उधर, तीनों ठग सुरक्षित स्थान पर पहुँचकर अपनी जीत का जश्न मना रहे थे और गा रहे थे:
"घंटी घंटी बजती रहो, रातोदिन गाती रहो, जीवन एक खेल है सुनहरा।"
कहानी की सीख (The Moral)
"बिना सोचे-समझे किसी अनजान पर भरोसा करना और अपनी बुद्धि का इस्तेमाल न करना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। मूर्खता की सजा हमेशा महंगी पड़ती है।"

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