The Strength in Unity: A Powerful Story of a Father and His Five Sons | Moral Story

"एकता का बल - पढ़िए किसान और उसके पाँच बेटों की यह प्रसिद्ध कहानी। जानें क्यों एकता में शक्ति है और कैसे संगठन बड़े से बड़े संकट को हरा सकता है। (Unity is Strength Story in Hindi)" 

एकता का बल: बिखराव में विनाश और संगठन में शक्ति

जब हम अकेले होते हैं, तो कमजोर होते हैं, लेकिन जब हम साथ होते हैं, तो अपराजेय होते हैं। आइए पढ़ते हैं एक पिता और उसके पाँच बेटों की यह प्रसिद्ध कहानी।


एक पिता की चिंता

पुराने समय की बात है, एक गाँव में एक वृद्ध किसान रहता था। उसके पाँच बेटे थे। पाँचों ही बेटे शरीर से बलवान और काम में बहुत मेहनती थे। किसान के पास खेती-बाड़ी की कोई कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी वह भीतर ही भीतर बहुत दुखी रहता था।

दुख का कारण यह था कि उसके पाँचों बेटे आपस में कभी मिलकर नहीं रहते थे। छोटी-छोटी बातों पर वे एक-दूसरे से लड़ने लगते और घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता था। किसान ने उन्हें कई बार समझाया, प्यार से बात की और कभी-कभी डाँटा भी, पर बेटों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगी।

किसान की अनूठी तरकीब

किसान जानता था कि अगर उसके बेटे इसी तरह अलग-अलग रहे, तो गाँव का कोई भी दुश्मन उनकी इस फूट का फायदा उठाकर उन्हें बर्बाद कर देगा। एक दिन उसने एक योजना बनाई।

उसने अपने पाँचों बेटों को पास बुलाया और उनके सामने लकड़ियों का एक भारी गट्ठर रखा, जो मजबूती से बंधा हुआ था। किसान ने चुनौती दी— "क्या तुममें से कोई इस गट्ठर को बिना खोले, अपनी ताकत से तोड़ सकता है?"

ताकत की परीक्षा

बारी-बारी से पाँचों बेटे आगे आए। सबसे बड़े बेटे ने पूरी जान लगा दी, चेहरा लाल हो गया, लेकिन गट्ठर नहीं टूटा। फिर दूसरे, तीसरे और बाकी बेटों ने भी कोशिश की। वे सब बलवान थे, लेकिन लकड़ियों का वह संगठित गट्ठर किसी से भी नहीं टूटा।

हार मानकर उन्होंने कहा, "पिताजी, यह असंभव है! कोई भी इंसान इसे एक साथ नहीं तोड़ सकता।"

संगठन का रहस्य

किसान मुस्कुराया। उसने धीरे से गट्ठर की रस्सी खोल दी और एक-एक लकड़ी अपने पाँचों बेटों के हाथ में थमा दी। उसने कहा— "अब इन्हें तोड़कर दिखाओ।"

बेटों के लिए यह बच्चों का खेल था। उन्होंने पलक झपकते ही लकड़ियों के दो टुकड़े कर दिए। तब किसान ने उन्हें पास बिठाया और जीवन का सबसे बड़ा पाठ सिखाया:

"मेरे बच्चों, याद रखना! जब तक ये लकड़ियाँ एक साथ बंधी थीं, ये चट्टान जैसी मजबूत थीं। लेकिन जैसे ही ये अलग-अलग हुईं, इन्हें तोड़ना आसान हो गया। ठीक वैसे ही, अगर तुम लोग मिल-जुलकर रहोगे, तो दुनिया की कोई भी ताकत तुम्हें हरा नहीं पाएगी। लेकिन अगर तुम आपस में लड़कर अलग हो जाओगे, तो कोई भी तुम्हें आसानी से बर्बाद कर देगा।"

पाँचों बेटों की आँखें खुल गईं। उन्होंने उसी क्षण आपस में न लड़ने और हमेशा एकजुट रहने की शपथ ली।


कहानी की सीख (The Moral)

"एकता में ही असली शक्ति है। जहाँ संगठन होता है, वहाँ सुरक्षा और समृद्धि का वास होता है, और जहाँ फूट होती है, वहाँ विनाश निश्चित है।"


 

🌟 कहानी का अंत
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